30A/78, Punjabi Bagh, New Delhi, India-110026

यह ग्रन्थ श्री योगेश्वरानंद परमहंस जी के ७५ वर्षों की तपस्या से समाधि की अवस्था में प्राप्त विशुध्द और असाधारण दिव्य भंडार है।
इनकी रचना उन्होंने हिमालय के निर्जन स्थलों में महान और पवित्रात्मा गुरुजनों के आशीर्वाद से की है।

S.No.

Name of Book

Description

मुल्य

H 01
बहिरंग योग
योग के प्रथम पांच अंगों की व्याख्या-पंतजलि का विश्व प्रसिद्ध योग दर्शन, जिसमें शारीरिक भंगिमाओं के ३४० चित्र ( आसन ) श्वास क्रियाएं ( प्राणायाम ) तथा क्रियाएं हैं ।
300/-

H 02
आत्म विज्ञान 
आत्मानुभूति की व्यवहारिक प्रक्रिया ३० बहुरंगी चित्रों सहित।

200/-

H 03
ब्रह्म विज्ञान
 व्यवहारिक विधियों से ईश्वरीय अनुभूति का बेजोड़ प्रस्तुतीकरण। विश्व की उत्पत्ति के बारे में विस्तृत व्याख्या सहित प्रस्तुत है। इस ग्रन्थ में १८ बहुरंगी चित्र भी हैं। 250/-
H 04
दिव्य ज्योति विज्ञान
 ज्योति आत्मा और परमात्मा को समझने की सबसे आवश्यक तथा प्रचलित विधि जिसका प्रस्तुतीकरण पहली बार इतने विवरणों के साथ किया गया है। ६ बहुरंगी चित्रों से सुसज्जित। 100/-
H 05
प्राण विज्ञान
आत्मा और परमात्मा का ज्ञान प्राण शक्ति के माध्यम से प्राप्त करने की दिशा में नई खोज। 80/-
H 06
दिव्य शब्द विज्ञान
इस ग्रन्थ में आत्मा और परमात्मा को शब्द के माध्यम से जानने की विधि का वर्णन है। 75/-
H 07
निर्गुण ब्रह्म
अन्तिम सत्य पर एक अनूठा आख्यान। विद्व एवं योगिक अन्तदृष्टि के असाधारण मेल का परिणाम। 100/-
H 08
व्याख्यान माला खंड-1
 प्रत्येक भाग में श्री योगेश्वरानंद परमहंस द्वारा विभिन्न अवसरों पर मुख्यत आत्मा और परमात्मा आदि की जानकारी से संबधित दिये गये उपदेशों का संकलन है। 60/-
H 09
व्याख्यान माला खंड-2A-B
60/- 100/-
H 10
व्याख्यान माला खंड-3
60/-
H 11
व्याख्यान माला खंड-4
60/-
H 12
व्याख्यान माला खंड-5
60/-
H 13
हिमालय का योगी खडं-1
 योग निकेतन ट्रस्ट द्वारा श्री योगेश्वरानंद परमहंस की जीवनी के एकत्रित, संपादित और प्रकाशित सामग्री। 180/-
H 14
हिमालय का योगी खडं-2
100/-
H 15
अमर जीवन कथा
श्री योगेश्वरानंद परमहंस जी की अमर जीवन कथा 20/-
H 16
योगेश्वरानंद-योगामृत

समस्त पुस्तकों की संक्षिप्त जानकारी